Gaurav Taneja’s dog Mau death: आरोप, सोशल मीडिया का गुस्सा और Flying Beast का जवाब
National News Blog | स्पेशल रिपोर्ट
Gaurav Taneja’s dog Mau death: YouTuber और सोशल मीडिया क्रिएटर गौरव तनेजा, जिन्हें Flying Beast के नाम से भी जाना जाता है, इन दिनों अपने पालतू Labrador Mau की मौत को लेकर विवादों में हैं। Mau लंबे समय तक तनेजा के फैमिली व्लॉग्स का हिस्सा रहा था। उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उसके स्वास्थ्य, खान-पान, रहने की जगह और कथित मेडिकल केयर को लेकर सवाल उठने लगे।
मामला तब और बड़ा हो गया जब गौरव तनेजा के एक पूर्व कर्मचारी और फिटनेस क्रिएटर पुष्पेंद्र चौधरी ने सोशल मीडिया पर कई आरोप लगाए। इसके बाद #JusticeForMau और #BoycottGauravTaneja जैसे हैशटैग चर्चा में आए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
अब गौरव तनेजा ने भी वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है और आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि Mau के इलाज के लिए उसे कई अस्पतालों में ले जाया गया था।
कैसे शुरू हुआ Mau का मामला?
Mau कभी गौरव तनेजा के परिवार के व्लॉग्स में नियमित रूप से नजर आता था। बाद में वह अचानक वीडियो से गायब हो गया। दर्शकों के लगातार सवालों के बाद तनेजा ने एक पुराने वीडियो “Where is Mau?” में बताया था कि Mau को उनके फार्महाउस भेज दिया गया है।
तनेजा के मुताबिक परिवार की बदलती जीवनशैली, कुछ पारिवारिक चिंताओं और धार्मिक कारणों से Mau को घर में रखना मुश्किल हो गया था। उन्होंने बताया था कि फार्महाउस पर Mau के पास काफी जगह होगी और वहां दूसरे कुत्तों के साथ वह रह सकेगा।
उस समय भी कुछ दर्शकों ने सवाल उठाए थे कि परिवार के साथ रहने वाले कुत्ते को फार्महाउस भेजने का फैसला क्यों किया गया।
हालांकि, उस समय मामला किसी बड़े विवाद में नहीं बदला।
Mau की मौत के बाद फिर क्यों उठा सवाल?
सितंबर 2026 में Mau की मौत की खबर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुराने सवाल फिर चर्चा में आ गए।
गौरव तनेजा के पूर्व कर्मचारी बताए जा रहे पुष्पेंद्र चौधरी ने कई सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो में Mau की कथित हालत को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मौत से पहले Mau की तबीयत खराब थी, उसने खाना कम या बंद कर दिया था और उसे उचित देखभाल व मेडिकल सहायता नहीं मिली।
चौधरी ने Mau के खान-पान और फार्महाउस में रहने की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए। उनके कुछ पोस्ट में यह दावा किया गया कि Mau को नियमित डॉग फूड के बजाय रोटी, दूध और कथित तौर पर गायों का चारा दिया जाता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फार्महाउस में मौजूद दूसरे कुत्तों के साथ रहने के दौरान Mau को चोटें आईं और उसे पर्याप्त आराम तथा सुविधाएं नहीं मिलीं।
इनमें से किसी भी आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
आरोपों में मेडिकल केयर भी बड़ा मुद्दा
विवाद का एक प्रमुख सवाल यह रहा कि Mau की तबीयत खराब होने पर उसका इलाज कहां और कितनी जल्दी कराया गया।
पुष्पेंद्र चौधरी ने दावा किया कि Mau की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे उचित समय पर इलाज नहीं मिला। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में कथित तौर पर Meerut के एक अस्पताल और आगे Delhi ले जाने की सलाह का भी जिक्र किया गया।
यही वह बिंदु था जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया।
लेकिन उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर Mau की बीमारी का आधिकारिक कारण, उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री और मौत का प्रमाणित कारण सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।
सोशल मीडिया पर शुरू हुआ आक्रोश
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर गौरव तनेजा के खिलाफ काफी नाराजगी देखने को मिली।
कई यूजर्स ने सवाल किया कि अगर Mau परिवार का हिस्सा था तो उसे फार्महाउस भेजने का फैसला क्यों किया गया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि जब Mau से कंटेंट बनना बंद हुआ तो उसे परिवार से अलग कर दिया गया।
इसके बाद #JusticeForMau और #BoycottGauravTaneja जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कुछ यूजर्स ने तनेजा के सोशल मीडिया पोस्ट के कमेंट सेक्शन में उनसे जवाब मांगा और कुछ ने उनके ब्रांड्स के बहिष्कार की अपील की।
इस विवाद में अभिनेता और पशु-अधिकार कार्यकर्ता जया भट्टाचार्य की प्रतिक्रिया भी सामने आई, जिन्होंने Mau को घर से फार्महाउस भेजने के फैसले पर सवाल उठाया।
हालांकि सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और आरोपों को कानूनी या आधिकारिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
गौरव तनेजा ने क्या कहा?
लगातार बढ़ते विवाद के बीच गौरव तनेजा ने 25 सितंबर को एक वीडियो में Mau मामले पर अपना पक्ष रखा।
उनके वीडियो का शीर्षक “What Really Happened to Mau” बताया गया। तनेजा ने कहा कि उन्हें लगता है कि इंटरनेट को उनसे स्पष्टीकरण मांगने का अधिकार नहीं है, खासकर तब जब उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
“हम Mau को कई अस्पतालों में ले गए”
तनेजा ने सबसे प्रमुख आरोप—मेडिकल लापरवाही—को खारिज किया।
उनका कहना है कि Mau के इलाज के लिए परिवार उसे करीब पांच अस्पतालों में ले गया और कई डॉक्टरों से सलाह ली गई। उन्होंने यह भी कहा कि फार्महाउस पर एक पशु चिकित्सक नियमित रूप से आता था।
तनेजा के मुताबिक उनके पास डॉक्टरों की रिपोर्ट, अस्पताल के दस्तावेज, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और Mau के इलाज से संबंधित अन्य सामग्री मौजूद है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इन दस्तावेजों के जरिए अपने पक्ष को साबित किया जा सकता है।
“मेडिकल रिकॉर्ड हमारे पास हैं”
तनेजा ने सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों और वीडियो के संदर्भ में भी कहा कि कई फुटेज पुराने हैं और उन्हें उनके मूल संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है।
उनका दावा है कि Mau फार्महाउस में ठीक था, उसके पास घूमने के लिए पर्याप्त जगह थी और वहां उसकी देखभाल के लिए कर्मचारी तथा अन्य सुविधाएं मौजूद थीं।
“Cow feed” वाले आरोप पर भी सफाई
सोशल मीडिया पर यह आरोप भी लगाया गया कि Mau को कथित तौर पर गायों का चारा खाने के लिए मजबूर किया गया।
तनेजा ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि कुत्ते अक्सर आसपास की चीजों को सूंघते और एक्सप्लोर करते हैं। उनके मुताबिक किसी चीज के आसपास कुत्ते के दिखाई देने या उसे सूंघने का अर्थ यह नहीं है कि उसे वही भोजन के रूप में दिया जा रहा था।
पूर्व कर्मचारी पर तनेजा का पलटवार
गौरव तनेजा ने विवाद में पुष्पेंद्र चौधरी की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
तनेजा के मुताबिक चौधरी उनके व्यवसाय से जुड़े रहे थे और उनके प्रदर्शन को लेकर कई विभागों में बदलाव किया गया था। तनेजा का दावा है कि बाद में उन्होंने चौधरी को नौकरी से निकाल दिया था।
उनका आरोप है कि नौकरी से निकाले जाने के बाद चौधरी ने पहले कंपनी को लेकर सार्वजनिक रूप से आलोचना की और अब Mau की मौत को लेकर आरोप लगाए हैं।
यह गौरव तनेजा का पक्ष है। दूसरी ओर, पुष्पेंद्र चौधरी ने सोशल मीडिया पर तनेजा के इस दावे का जवाब देते हुए अपने बताए गए relieving letters भी साझा किए और कहा कि वह अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करेंगे।
इसलिए फिलहाल दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
तनेजा ने PETA और पशु-प्रेमियों को दी चुनौती
गौरव तनेजा ने पशु-प्रेमियों और PETA India समेत संबंधित लोगों से कहा कि यदि उन्हें लगता है कि Mau के साथ किसी तरह की क्रूरता हुई है, तो वे ठोस सबूत लेकर कानूनी कार्रवाई करें।
उन्होंने सोशल मीडिया पर केवल वीडियो और पोस्ट के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय सबूतों के आधार पर मामले को देखने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति उनके व्यवहार को गलत मानता है तो वह उनके कंटेंट या ब्रांड्स का बहिष्कार कर सकता है।
अभी तक क्या साबित हुआ है?
Mau विवाद में फिलहाल तीन अलग-अलग स्तरों की जानकारी सामने आई है:
पहला — पुष्टि की गई बात:
Mau गौरव तनेजा के परिवार का Labrador था और बाद में उसे उनके फार्महाउस में रखा गया। 2026 में उसकी मौत की खबर के बाद विवाद शुरू हुआ।
दूसरा — लगाए गए आरोप:
पूर्व कर्मचारी पुष्पेंद्र चौधरी और सोशल मीडिया यूजर्स ने Mau की कथित खराब सेहत, खान-पान, रहने की स्थिति और मेडिकल केयर को लेकर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तीसरा — गौरव तनेजा का पक्ष:
तनेजा ने लापरवाही से इनकार किया है। उनका कहना है कि Mau को कई अस्पतालों में दिखाया गया, डॉक्टरों से सलाह ली गई और उनके पास उपचार से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं।
आगे क्या होगा?
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब यही है कि क्या दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में ठोस और सत्यापन योग्य दस्तावेज सामने रखते हैं।
यदि Mau के मेडिकल रिकॉर्ड, पशु चिकित्सकों की रिपोर्ट, अस्पताल के दस्तावेज या अन्य स्वतंत्र प्रमाण सार्वजनिक होते हैं, तो विवाद के कई सवालों का जवाब मिल सकता है। इसी तरह यदि लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत सामने आते हैं, तो संबंधित अधिकारियों या कानूनी संस्थाओं के स्तर पर उनकी जांच की जा सकती है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही बहस को किसी अंतिम निष्कर्ष के तौर पर देखना उचित नहीं होगा।
Mau की मौत ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि पालतू जानवरों की जिम्मेदारी, उनकी मेडिकल जरूरतों और उनकी देखभाल से जुड़े विवादों में सोशल मीडिया की भूमिका क्या होनी चाहिए—और किसी आरोप को तथ्य मानने से पहले स्वतंत्र प्रमाण कितने जरूरी हैं।
National News Blog इस मामले में सामने आने वाले आधिकारिक दस्तावेजों, पशु चिकित्सकीय रिपोर्ट या संबंधित पक्षों के नए बयानों के आधार पर आगे की जानकारी अपडेट करेगा।

