कौन है ज्योति मल्होत्रा जिस पर लगे है जासूसी के आरोप?

कौन है ज्योति मल्होत्रा जिस पर लगे है जासूसी के आरोप?

मीडिया और सोशल मीडिया पर आजकल एक नाम बहुत ही चर्चा में है – ज्योति मल्होत्रा (Jyoti Malhotra)। हरियाणा पुलिस (Haryana Police) के हत्थे चढ़ी ये लड़की कुछ दिनों पहले तक महज एक डिजिटल क्रिएटर (Digital Creator) थी, लेकिन आज इस पर पाकिस्तान (Pakistan) के लिए जासूसी करने और भारतीय सेना (Indian Army) से जुडी गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी एजेंसी को साझा करने जैसे गंभीर आरोप लगे हुए है। तो आख़िर कौन है ज्योति मल्होत्रा और क्यों इंटेलिजेंस ब्यूरो (Intelligence Bureau) के शक की सुई इस पर आ कर रुकी है?

हरियाणा के हिसार (Hisar) की रहने वाली 34 वर्षीय ज्योति मल्होत्रा पेशे से एक ट्रेवल व्लॉगेर है। हिसार से ही पढाई पूरी करने के बाद वो सोशल मीडिया पर क्रिएटर बन गयी। ट्रेवल विथ जो (Travel With Jo) के नाम से वो अलग-अलग जगह जा कर व्लॉग बनाती और अपने फोल्लोवेर्स को नयी-नयी जगहों की जानकारी देती है। ज्योति की सोशल मीडिया पर लाखो में फोल्लोविंग है और हर वीडियो पर लाखो में व्यूज भी आते है।

व्लॉगिंग के सिलसिले में ही पिछले साल अप्रैल 2023 बैसाखी के दौरान पहली बार ज्योति पाकिस्तान गयी थी। पाकिस्तान के लिए वीसा इंटरव्यू के दौरान दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन (Pakistan High Commission) में उसकी मुलाक़ात दानिश से हुयी और यहीं से दानिश और ज्योति की दोस्ती की शुरुआत हुयी। 14 दिनों की पाकिस्तान यात्रा के दौरान ज्योति ने लाहौर शहर, अनारकली बाज़ार, वहां के लोग, खान-पान सहित खूब वीडियो बनाये और ये पाकिस्तान वाले व्लॉग काफ़ी वायरल भी हुए। देखने में ऐसा लगता है कि मानो ज्योति का मक़सद दोनों देशों के लोगो के बिच के रिस्तो में मिठास लाना है। इसी यात्रा के दौरान दानिश ने पाकिस्तान में ही ज्योति की मुलाक़ात पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के तीन जासूसों से करवायी – अली, शाकिर और राणा शहबाज़। ज्योति की गिरफ़्तारी के बाद इन तीनो के नंबर उसके मोबाइल से मिले, लेकिन उस पर शक और तब गहरा जाता है जब इन तीनो के ही नंबर अलग-अलग नाम से सेव्ड मिले। सूत्रों के मुताबिक़ इन्हीं लोगो ने ज्योति के पाकिस्तान में रहने, खाने से ले कर घूमने तक के सारे इंतज़ाम किये थे।

इसके ठीक एक साल बाद 2024 में ज्योति फिर से बैसाखी पर पाकिस्तान के वीसा के लिए अप्लाई करती है और उसे वीसा मिल भी जाता है। पाकिस्तान के वीसा के लिए अमूमन लोगो को बहुत मशक्क़त करनी पड़ती है, लेकिन इधर ज्योति को बड़े आराम से दूसरी बार वीसा मिल गया था। संदेह और तब गहरा जाता है, जब ज्योति इस बार 14 दिन के वीसा पर 25 दिन पाकिस्तान रूकती है। दानिश की मदद से ही उसका वीसा एक्सटेंडेड हो पता है। इस बार वो ना सिर्फ़ पाकिस्तान पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम शरीफ़ से मिलती है, बल्कि अपने सोशल मीडिया चैनल्स के लिए उनका इंटरव्यू भी करती है। इसी यात्रा से लौटने के बाद ज्योति चीन के दौरे पर जाती है और यहीं से इंटेलिजेंस ब्यूरो की नज़र में आ जाती है। हालांकि व्लॉगिंग के लिए ज्योति इंडोनेशिया, नेपाल, भूटान और दुबई तक गयी है लेकिन दो बार पाकिस्तान के बाद चीन की यात्रा ज्योति के जासूस होने के शक को और पुख्ता कर देती है।

इसी साल जनवरी 2025 में ज्योति पहलगाम भी गयी थी और वहां का भी व्लॉग बना कर उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपने चैनल पर अपलोड किया था। ज्योति ने इससे पूर्व भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर रहने वाले गाँवो के वीडियो भी बनाये थे और वहां के लोगो के जीवन और दैनिक संघर्ष से लोगो को रूबरू करवाया था। ज्योति मल्होत्रा का यूट्यूब चैनल अभी भी लाइव है, जिस पर वो तमाम वीडियो है जो उसने पाकिस्तान यात्रा सहित अलग-अलग जगह घूम कर बनाये थे।

13 मई को विदेश मंत्रालय दानिश को जासूसी के आरोप में वापस पाकिस्तान चले जाने का फरमान सुनाता है और 16 मई को ज्योति को हिरासत में ले लिया जाता है। ग़ौरतलब है कि ज्योति के जासूस होने की अभी पुष्टि नहीं हुयी है, हरियाणा पुलिस फ़िलहाल इस बात की जाँच में जुटी हुयी है कि वाकई ज्योति के पास ऐसी कोई जानकारी है जिससे पाकिस्तान को मदद मिल सके? या फ़िर पाक्सितान ने ज्योति की सोशल मीडिया फोल्लोविंग का फ़ायदा उठा के जाने-अनजाने में उससे जासूसी करवा ली और उसे ख़ुद पता नहीं चला। ये तमाम सवाल अभी बरक़रार है, पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो जाँच और पूछताछ में जुटी हुयी है। ज्योति को ले कर हर रोज़ नए-नए ख़ुलासे हो रहे है, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि ज्योति एक जासूस निकलती है या फ़िर महज के मोहरा!


विशेषज्ञो कि माने तो आजकल सोशल मीडिया कंटेंट ने आतंकियों का काम काफ़ी आसान कर दिया है। किसी भी जगह कि जानकारी लेने के लिए अब ख़ुद जाने की ज़हमत नहीं उठानी पड़ती। बैठे-बैठे ही सोशल मीडिया के ज़रिये विस्तार से हर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। हमें आम सा दिखने वाला कोई वीडियो, किसी और के लिए रिसर्च और प्लानिंग का एक बहुत ही अहम जरिया साबित हो सकता है।

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