शिखरानी: कुत्ते की मौत पर शराबियों का हाई वोल्टेज ड्रामा
बिजयनगर के समीप स्थित ग्राम शिखरानी में शनिवार को चोट लगने से एक कुत्ते की मौत हो गयी, जिसका राजनीतिकरण करते हुए लौहार मोहल्ले के कुछ शराबियों और जुआरियों ने जम के बवाल किया। सोशल मीडिया पर फायरिंग की झूठी ख़बर फ़ैला कर पुलिस पर रातोंरात FIR दर्ज़ करने का दबाव बनाया। रविवार सुबह जब पुलिस कुत्ते को पोस्टमार्टम के लिए बिजयनगर के पशु चिकित्सालय ले गयी, तो वहां भी पहुंच कर इन लोगो ने बहुत हंगामा किया। पोस्टमार्टम के दौरान जब कुत्ते की बॉडी से कोई गोली बरामद नहीं हुयी तो वहां भी इन्होने डॉक्टर पर झूठी रिपोर्ट बनाने का दबाव बनाया।
जिन्होंने पाला उन्हीं पे लगा दिया हत्या का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार जिस कुत्ते की हत्या का आरोप लौहार मोहल्ला निवासी सत्यनारायण साहू ने गढ़ निवासी सूर्यवीर सिंह पर लगाया, उस कुत्ते के खाने-पिने से ले कर रैबीज के टीके और अन्य देखरेख का जिम्मा गढ़ का ही है। जाँच के दौरान कुत्ते को गढ़ में खेलते और खाना खाने के पुराने वीडियो भी साझा किये गए और सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा इसके रैबीज के टीके लगाने की पुष्टि भी की गयी है। इतना ही नहीं कुत्ते की माँ की देखरेख की ज़िम्मेदारी भी शिखरानी गढ़ ने ले रखा है।
बच्चो और सोशल मीडिया का लिया सहारा
क्षेत्र में अराजकता फ़ैलाने के इरादे से शिकायत कर्ताओ ने पहले शिखरानी में फायरिंग जैसी झूठी अफ़वाह फ़ैलाई, बाद में कुत्ते पर फायरिंग कर हत्या करने के आरोप लगाए। जबरन छोटे बच्चो को चश्मदीद बना कर झूठ को सच साबित करने का प्रयास भी किया। गौरतलब है कि जब कुत्ते को गोली ही नहीं लगी तो चशमदीद ने कोनसी बन्दूक और किसको फायरिंग करते देखा? ऐसी कई सवाल अब लोगो के मन में उठ रहे है और ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के घटनाक्रमों से ना सिर्फ़ गांव का नाम बदनाम होता है, बल्कि झूठी रिपोर्ट दर्ज़ करवाने से पुलिस की नज़र में भी अहमियत घट जाती है।
मंदिर को बना रखा था शराब और सट्टे का अड्डा
स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान एक बात और सामने आयी है कि जिन लोगों ने देर रात हंगामा किया वो सब लौहार मोहल्ला स्थित मंदिर में शराब पीकर सट्टा और जुआ खेल कर मंदिर की गरिमा को ठेंस पहुंचने के आरोपी रह चुके है। सालो की कोशिश और कड़ी मशक्कत के बाद जा कर मंदिर में शराब और सट्टा बंद हो सका। मंदिर में बैठ कर शराब पीना और सट्टा खेलना किसी ज़माने में यहाँ आम था और लड़ाई झगडे में भी मोहल्ला सबसे अव्वल था। शराब, सट्टा, चोरी और झगड़ो के कारण ही इस मौहल्ले को गांव में पंजाब इलाका नाम से भी जाना जाता है।
बिजयनगर पुलिस का सराहनीय काम
मामला भले ही झूठ और राजनीति की बुनियाद पर टीका हो, लेकिन बिजयनगर पुलिस ने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया। देर रात जब हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ तो ख़ुद थाना अधिकारी करण सिंह खंगारोत पूरी टीम के साथ शिखरानी पहुंचे और कुत्ते के शव को कब्ज़े में ले कर तुरंत FIR भी दर्ज़ की और सुबह समय पर उसे बिजयनगर पशु चिकित्सालय पहुंचा कर उसका पोस्टमार्टम करवाया।
शनिवार शाम से ले कर रविवार दोपहर तक सोशल मीडिया और मीडिया पर अफवाहों का बाजार गरम रहा और कई तरह की बातें सामने आयी लेकिन जैसी ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आयी, सभी झूठी ख़बरों पर विराम सा लग गया और एकदम से मामला ठंडा पड़ गया। हालांकि इस पुरे घटनाक्रम के पीछे की साजिश की कोई भी ठोस वजह अभी नहीं मिल पायी है और ना ही कोई मास्टरमाइंड सामने आया है। पुलिस अपनी कार्यवाही कर रही है, अब देखना ये होगा कि कुत्ते की लाश पर कितने समय तक लोग अपनी राजनितिक रोटियां सेक पते है?