पहलगाम आतंकी हमला – फ़िर दहला कश्मीर; हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा
22 अप्रैल 2025, मंगलवार की दोपहर अचानक हुए आतंकी हमले से मिनी स्विट्ज़रलैंड कहे जाने वाले कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam) स्तिथ बैसारन घाटी का खूबसूरत नज़ारा ख़ूनी मंजर में तब्दील हो गया। देश और दुनिया की अलग-अलग जगहों से आये पर्यटक घाटी की खूबसूरती का आनंद ले ही रहे थे कि अचानक हथियारों के साथ स्थानीय पुलिस की वर्दी पहने आतंकी पहुँचते है। वो पुरषो से उनके नाम पूछ-पूछ कर गोलिया चलाने लगते है और देखते ही देखते वहां लाशो के ढेर बिछ जाते है और शांत पड़ी घाटी चीख-पुकार से गूंज उठती है। हमले के बाद आतंकी भाग कर पास ही पहाड़ी जंगल में जा कर छुप गए।
चश्मदीदों के बयानों के अनुसार आतंकियों ने महिलाओ और बच्चो निशाना नहीं बनाया, बल्कि आदमियों से उनका नाम पूछा और जो मुस्लिम नहीं थे उन्हें गोलियों से भून दिया। यहाँ तक कि हमलावरों ने पर्यटको से कलमा पढ़ने को भी कहा और जो नहीं पढ़ पाया उन्हें गोली मार दी गयी, साथ कुछ महिलाओ को ये भी कहा कि “मोदी को बता देना”। इस कायराना हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा प्रॉक्सी विंग द रजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। इस हमले में अब तक 27 लोगो की मौत और 20 से ज़्यादा घायल होने की पुष्टि हुयी है।
जिस वक्त ये हमला हुआ तब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई के दौरे पर थे और पहलगाम आतंकी हमले की ख़बर मिलते है मोदी दौरे को अधूरा छोड़ भारत के लिए रवाना हो गए, वहीं दूसरी ओर हमारे देश के गृहमंत्री अमित शाह भी जानकारी मिलते ही श्रीनगर पहुंचे और वहां राजभवन में सेना और प्रशासन के अफसरों के साथ मीटिंग की। देश की जनता में इस हमले को ले कर आक्रोश है और हर तरफ से हमले का मुँह तोड़ जवाब देने की मांग उठ रही है।

भारतीय सेना और सरकार दोनों ही एक्शन मोड में आ गयी है और बुधवार दोपहर जाँच के बाद सुरक्षा और इटैलिगेंस एजेंसियो ने तीन आतंकियों के स्केच भी जारी किये है जिनके नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबु तल्हा बताए गए हैं। सूत्रों के अनुसार इस हमले में 2 स्थानीय और 3 पाकिस्तानी आतंकी शामिल थे और साथ ही इस हमले के मास्टर माइंड लश्कर-ए तैयबा का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद के होने की भी जानकारी सामने आ रही है।
जम्मू और कश्मीर सरकार ने हमले में मारे गए सभी लोगो के परिवार वालो को 10-10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख और घायलों को 1-1 लाख मुआवजा देने की घोषणा की है। दूसरी तरफ़ पाकिस्तानी सरकार ने इस हमले से पल्ला झाड़ते हुए ख़ुद को किनारे करने की कोशिश की है। पाकिस्तान सरकार के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने बयान दिया है कि कश्मीर में हुए इस हमले में उनका कोई हाथ नहीं है। सुरक्षा एजेंसियो की जाँच में ये भी सामने आया है कि आतंकी क़रीब दो सप्ताह पहले राजौरी से वधावन होते हुए भारत की सीमा में दाखिल हुए और पहलगाम पहुंचे थे।
हमले के बाद चश्मदीद महिलाओ की रूह कपाने वाली आपबीती से पुरे देश में दुःख और आक्रोश का माहौल हो गया है। भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि आतंवादियो के ख़िलाफ़ सख्त कार्यवाही की जाएगी और किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जायेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प और रूस के राष्ट्रपति पुतिन सहित दुनिया भर में इस हमले की कड़ी निंदा की जा रही है और आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ने में भारत को समर्थन मिल रहा है।