चार्जशीट में बड़ा ख़ुलासा – जुबीन गर्ग की मौत हादसा नहीं हत्या | पांच क़ातिल कौन?

ज़ुबीन गर्ग हत्याकांड (Zubeen Garg Murder Case) – 19 सितम्बर 2025 को सिंगापुर में असम मूल के भारतीय गायक कलाकार जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) के आकस्मिक निधन ने पुरे देश को हिला कर रख दिया था. जाते-जाते जुबीन अपने पीछे ‘हादसा या हत्या’ जैसा एक बड़ा सवाल छोड़ कर गए है. अब असम पुलिस ने जो चार्जशीट दाख़िल की है उसके अनुसार जुबीन गर्ग की मौत एक हादसा नहीं बल्कि हत्या थी. इसी चार्जशीट में पुलिस ने पांच लोगों के नामो का ख़ुलासा करते हुए उन पर हत्या का आरोप लगाया. आईये विस्तार से जानते है कि असम पुलिस ने किन पांच लोगों को जुबीन गर्ग की हत्या के जिम्मेदार ठहराया है और क्यों –

 

 जुबीन गर्ग की मौत हादसा नहीं हत्या | पांच क़ातिल कौन?

 

सिद्धार्थ शर्मा (Siddharth Sharma), मैनेजर – ज़्यादा शराब पिलाने और बिना लाइफ जैकेट के समुन्द्र में उतारने का आरोप

दस साल से भी ज़्यादा वक़्त से जुबीन गर्ग के साथ काम करने वाले और उनके मैनेजर के तौर पर सारी जिम्मेदारियां निभाने वाले सिद्धार्थ शर्मा पर आरोप है कि गर्ग की सेहत के बारे में भलीभांति जानते हुए भी उसने ना सिर्फ़ ज़ुबीन को बहुत ज़्यादा शराब पिलायी, बल्कि बिना लाइफ जैकेट उन्हें पानी में भी उतार दिया. बता दे कि ज़ुबीन को काफ़ी समय से दौरे पड़ने की शिकायत थी, जिसके चलते डॉक्टर ने उन्हें शराब ना पिने और आग-पानी से दुरी बनाये रखने की हिदायत दी थी. इस बात की जानकारी होने के बावज़ूद शर्मा ने उस दिन ना सिर्फ़ समुंद्री यॉट पर पार्टी का आयोजन किया बल्कि गर्ग को शराब पिलायी और नशे में बिना लाइफ जैकेट पानी में भी उतार दिया. साथ ही सिद्धार्थ शर्मा पर ये भी आरोप है कि वो जानबूझ कर ज़ुबीन गर्ग को उनके म्यूजिक करियर से दूर करना चाहते थे और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए गर्ग के पैसो का ग़लत इस्तेमाल भी कर रहे थे. ज़ुबीन गर्ग की मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी होने के बावज़ूद हत्या को हादसा दिखाने  के लिए उन्ही के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा पर ये तमाम आरोप लगाए गए है.

 जुबीन गर्ग की मौत हादसा नहीं हत्या | पांच क़ातिल कौन?

 

श्यामकानु महंता (Shyamkanu Mahanta), आयोजक, नार्थ-ईस्ट फेस्टिवल (सिंगापुर) – वक़्त पर हॉस्पिटल पहुंचने की बजाये यॉट पे ही किया समय बर्बाद

वो श्यामकानु महंता ही थे जिनके आमंत्रण पर ज़ुबीन गर्ग नार्थ-ईस्ट फेस्टिवल (Northeast Festival) में भाग लेने सिंगापुर गए थे. असम पुलिस (Assam Police) की चार्जशीट के अनुसार महंता ने ही गर्ग को यॉट पर पार्टी करने के लिए मनाया था और एक व्हिस्की की बोतल भी दी थी, जबकि वो जानते थे कि पानी और शराब दोनों ही ज़ुबीन गर्ग के लिए घातक है. साथ ही सबसे गंभीर आरोप जो महंता पर लगा है वो ये है कि डूबने के बाद गर्ग को फ़ौरन हॉस्पिटल ले जाने की बजाये जानभूझ कर लगभग 75 मिनट उन्हें यॉट पर ही रखा गया ताकि समय पर उन्हें इलाज ना मिल सके.

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अमृतपर्वा महंता (Amritparva Mahanta), सिंगर – रातभर से थके और भूखे ज़ुबीन को शराब पिलाने का आरोप

ज़ुबीन गर्ग के ही बैंड की गायक अमृतपर्वा महंता पर आरोप है कि उसने मेडिकल कम्प्लीकेशन की जानकारी होने के बावज़ूद उस दिन यॉट पर गर्ग को बार-बार शराब पिलायी. 18 सितम्बर की पूरी रात ज़ुबीन एक पार्टी में थे जिसके चलते ना वो सो सके और ना ही खा सके. ये सब जानते हुए भी अमृतपर्वा ने भूखे और थके ज़ुबीन गर्ग को जानबूझ कर ज़रूरत से ज़्यादा शराब पिलायी. यहाँ तक कि बिना लाइफ जैकेट पानी में उतारने के लिए उकसाने का आरोप भी अमृतपर्वा पर लगा है.

 जुबीन गर्ग की मौत हादसा नहीं हत्या | पांच क़ातिल कौन?

 

शेखर ज्योति गोस्वामी (Shekhar Jyoti Goswami ), सिंगर – डूबते हुए ज़ुबीन के क़रीब होने के बावज़ूद नहीं बचाया

चार्जशीट में असम पुलिस ने जो आरोप शेखर ज्योति गोस्वामी पर लगाया है वो इंसानियत को शर्मसार करने वाला है. असम पुलिस के अनुसार जो हादसे का वीडियो सामने आया है उसे देखते हुए ये स्पष्ट है कि जब ज़ुबीन गर्ग पानी में डूब रहे थे तब शेखर उनके सबसे क़रीब थे. वो चाहते तो हाथ बढ़ा कर ज़ुबीन को बचा सकते थे, लेकिन वो डूबते हुए गर्ग को देखते रहे और उन्होंने कुछ नहीं किया, मानो कि वो उनके डूबने का ही इंतज़ार कर रहे हो. नशे की हालत में ज़ुबीन को पानी में उतारने और फ़िर असम के सितारे को पानी में डूबने से न बचाने का आरोप लगा है उन्ही के बैंड मेम्बर शेखर ज्योति गोस्वामी पर. 

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संदीपन गर्ग (Sandeepan Garg), चचेरे भाई – ज़ुबीन को गहरे पानी में ले जाने के लिए शेखर को उकसाने का आरोप

जब ज़ुबीन गर्ग बिना लाइफ जैकेट पानी में उतरे तो उन्हें रोकने की बजाये, संदीपन गर्ग जो कि उनके भाई है वो शेखर ज्योति गोस्वामी को उकसाते रहे कि वो गर्ग को पानी में दूर तक गहराई में ले जाये. इतना ही नहीं जब ज़ुबीन डूब रहे थे तो वो संदीपन ही था जिसने देर से बचाने का इशारा शेखर को किया था. संदीपन असम पुलिस में कार्यरत है और उन पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगा है. 

गौरतलब है कि सितम्बर के महीने में असम के हर दिल अज़ीज़ ज़ुबीन गर्ग नार्थ-ईस्ट फेस्टिवल ने भाग लेने के लिए अपने पुरे बैंड के साथ सिंगापुर दौरे पे थे, जहाँ 19 सितम्बर को एक यॉट पर पार्टी के दौरान वो तैराकी के लिए समुन्द्र के पानी में उतरे और वहीँ डूबने से उनकी मौत हो गयी थी. शुरू में एक हादसे जैसी दिख रही ये वारदात एक हत्या की साजिश में तब तब्दील हो गयी, जब ज़ुबीन के परिवार और उनके चाहने वालो ने जाँच के लिए दबाव बनाया.

असम के चहिते ज़ुबीन की आवाज़ दिलो पर राज करती है. ज़ुबीन गर्ग की लोकप्रियता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी अंतिम यात्रा में ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि उसने इतिहास ही रच दिया. लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स के अनुसार ये भारत की अब तक की सबसे बड़ी और विश्व की चौथे नम्बर की ऐसी अंतिम यात्रा थी जिसका इतनी भारी संख्या में लोग हिस्सा रहे हो. ज़ुबीन गर्ग का नाम माइकल जैक्सन, पोप फ्रांसिस और क्वीन एलिज़ाबेथ II जैसे दिग्गजों के साथ दर्ज़ हुआ है.

चार्जशीट तो दाख़िल हो चुकी है और आने वाली 22 दिसम्बर को ज़ुबीन गर्ग हत्याकाण्ड की पहली सुनवाई होगी, जिसमें अदालत पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों पर या तो मोहर लगाएगी या फ़िर सबूतों के अनुसार जोड़-तोड़ भी कर सकती है. इसी के साथ इस केस की सुनवाई फास्टट्रैक कोर्ट में करवाने और सरकारी वकील द्वारा ज़ुबीन गर्ग की पैरवी करवाने की मांग भी उठ रही है. ज़ुबीन का परिवार और उनके लाखों चाहने वाले इंसाफ़ की आस लगाए बैठे है, अब ये वक्त ही बताएगा कि आख़िर ज़ुबीन गर्ग की मौत हत्या थी या महज एक हादसा?

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